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​सोनभद्र: शिल्पकारों का हुनर बनेगा विकसित भारत का आधार – जिलाधिकारी

​रामलीला मैदान में दो दिवसीय 'पीएम विश्वकर्मा प्रदर्शनी एवं व्यापार मेला' का भव्य शुभारंभ

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Thursday, January 8, 2026

Sonbhadra: The skills of craftsmen will become the basis of a developed India - District Magistrate

​सोनभद्र अमान खान,ब्यूरो चीफ। ​रॉबर्ट्सगंज के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आज सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘प्रधानमंत्री विश्वकर्मा प्रदर्शनी सह व्यापार मेला’ का शानदार आगाज हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी श्री बी.एन. सिंह ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न स्टालों का अवलोकन कर स्थानीय कारीगरों के हस्तशिल्प और उनकी कला की जमकर सराहना की।

​ शिल्पकारों के सम्मान और स्वावलंबन का नया युग
​उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पारंपरिक शिल्पकारों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा, “बढ़ई, लोहार, कुम्हार और मूर्तिकार जैसे हमारे पारंपरिक शिल्पकार सदियों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी रहे हैं। नए भारत में अब उन्हें वह सम्मान और तकनीक मिल रही है, जिसके वे वास्तव में हकदार हैं।”

​ योजना के लाभ और सरकारी प्रोत्साहन
​जिलाधिकारी ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि कौशल को आधुनिक बाजार की जरूरतों के हिसाब से तैयार करना है।

ब्याज मुक्त ऋण: उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का जिक्र करते हुए बताया कि युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

​ तकनीकी उन्नयन: कारीगरों को आधुनिक टूलकिट, प्रशिक्षण और उत्पादों की ब्रांडिंग के लिए सरकार हर संभव सहायता दे रही है।

वोकल फॉर लोकल: डीएम ने जनपदवासियों से अपील की कि 9 जनवरी तक चलने वाले इस मेले में आकर स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करें और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को मजबूत करें।

​ मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर दिया गया जोर
​मुख्य विकास अधिकारी सुश्री जागृति अवस्थी ने लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युग में केवल उत्पादन पर्याप्त नहीं है। कारीगरों को अपने उत्पादों की पैकेजिंग, मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि उनके हुनर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सही बाजार मूल्य मिल सके।

​ प्रशिक्षण और टूलकिट की मिली जानकारी
​MSME विकास कार्यालय, वाराणसी के निदेशक श्री एल.बी.एस. यादव ने योजना के विभिन्न घटकों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंजीकृत कारीगरों को प्रशिक्षण के साथ-साथ बाजार से जोड़ने के लिए डिजिटल और तकनीकी सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है।

​ये रहे उपस्थित:
इस अवसर पर सिडबी के डीजीएम श्री रीतेश कुमार सिंह, उपायुक्त उद्योग श्री विनोद चौधरी, आईटीआई प्राचार्य श्री रविन्द्र पटेल, एलडीएम श्री सालेन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय शिल्पकार उपस्थित रहे।

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