सोनभद्र ब्यूरो चीफ:– सोनभद्र जिले के विण्ढमगंज क्षेत्र में भारत सरकार की स्मार्ट मीटर योजना के तहत बिजली विभाग द्वारा हर घर में स्मार्ट मीटर लगाए जाने का कार्य तेजी से चल रहा है। इस योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को पारदर्शी, ऑटोमेटिक और सटीक बिजली बिल उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत स्मार्ट मीटर के साथ लगभग 40 मीटर केबल उपलब्ध कराने का प्रावधान भी बताया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की अतिरिक्त परेशानी न हो।
किन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। विण्ढमगंज क्षेत्र में स्मार्ट मीटर तो लगाए जा रहे हैं, परंतु उनके साथ दिया जाने वाला 40 मीटर केबल ठेकेदार द्वारा नहीं लगाया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और लोग सवाल उठाने लगे हैं कि आखिर यह भेदभाव क्यों? इस संबंध में जब जीएमआर अडानी कंपनी के सुपरवाइजर सफीक अहमद से बात की गई तो उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद प्रीपेड सिस्टम लागू होगा, यानी पैसा रहेगा तभी बिजली मिलेगी, नहीं तो आपूर्ति बंद हो जाएगी।
वहीं जब उनसे केबल को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ कहा कि “केबल साथ में देना नहीं है।” लेकिन यह बयान तब सवालों के घेरे में आ गया जब दुद्धी क्षेत्र का उदाहरण सामने आया। जानकारी के अनुसार दुद्धी टाउन क्षेत्र में 90 प्रतिशत घरों में स्मार्ट मीटर के साथ केबल भी लगाया जा चुका है। इस पर सफीक अहमद ने कहा कि “केबल टाउन एरिया के लिए आया था।” सवाल यह है कि अगर योजना पूरे जिले के लिए है, तो विण्ढमगंज को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है? स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुद्धी क्षेत्र में तहसील, ब्लॉक और कोतवाली होने के साथ-साथ राजनीतिक पकड़ मजबूत है, इसलिए वहां सुविधाएं आसानी से पहुंच रही हैं।
वहीं विण्ढमगंज जैसे पिछड़े इलाके में न तो कोई बड़ा नेता है और न ही कोई उच्च अधिकारी, इसी वजह से यहां के लोगों को सरकारी लाभों से वंचित किया जा रहा है। क्षेत्रीय जनता का कहना है कि जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं और जीतने के बाद आंख मूंद लेते हैं। अब बिजली जैसी बुनियादी सुविधा में भी भेदभाव साफ नजर आ रहा है। लोगों ने बिजली विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि जीएमआर अडानी जैसी निजी कंपनी पर दबाव बनाकर स्मार्ट मीटर के साथ निर्धारित 40 मीटर केबल भी तत्काल उपलब्ध कराया जाए, ताकि विण्ढमगंज के लोगों को उनका हक मिल सके और इस कथित भेदभाव पर सख्त कार्रवाई हो।







