हर घर हर गली रोशनी से जगमगा उठी ग्राम प्रधान की चारों तरफ हो रही है प्रशंसा - राष्ट्रपति महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं - अमित कुमार सिंह ने उच्च अधिकारियों से जांच की मांग की - द्रौपदी मुर्मु ने एम्स नागपुर के दीक्षांत समारोह में शिरकत की - बारात से घर बापस लौटते समय शिक्षक की सड़क हादसे में मौत होने से शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहरामहर घर हर गली रोशनी से जगमगा उठी ग्राम प्रधान की चारों तरफ हो रही है प्रशंसा - राष्ट्रपति महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं - अमित कुमार सिंह ने उच्च अधिकारियों से जांच की मांग की - द्रौपदी मुर्मु ने एम्स नागपुर के दीक्षांत समारोह में शिरकत की - बारात से घर बापस लौटते समय शिक्षक की सड़क हादसे में मौत होने से शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम

स्कूली बैग पाकर खुश हुए बच्चे, पढ़ाई के प्रति बढ़ा उत्साह

यह वितरण बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के निर्देशानुसार संचालित योजना के तहत किया गया

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, November 26, 2025

Children were happy after receiving school bags, their enthusiasm for studies increased.

सुस्मित मुन्ना, संवाददाता सुपौल । छातापुर प्रखंड के ग्वालपाड़ा पंचायत अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय मझौल में मंगलवार को छात्र-छात्राओं के बीच स्कूली बैग वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह वितरण बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के निर्देशानुसार संचालित योजना के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और शैक्षणिक वातावरण को मजबूत बनाना है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर बच्चों की मुस्कान और खुशी से सराबोर दिखा। नए बैग पाकर छोटे-छोटे छात्र-छात्राओं के चेहरे खिल उठे। जैसे ही बैग उन्हें सौंपे गए, बच्चे उत्साह से उसे टटोलते, कंधे पर डालते और अपने दोस्तों को गर्व से दिखाते हुए नज़र आए।

बैग वितरण कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ज्योत्सना रश्मि, शिक्षक सिजेंद्र कुमार और लाल बहादुर उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापिका ज्योत्सना रश्मि ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि “नए स्कूली बैग मिलने से बच्चों का मनोबल बढ़ा है। अब वे और अधिक उत्साह एवं नियमितता के साथ विद्यालय आएंगे और पढ़ाई में मन लगाएंगे।”

उन्होंने यह भी जोड़ते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से विद्यालयों में शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता बढ़ने से पठन-पाठन का स्तर बेहतर हुआ है। वहीं मौके पर उपस्थित शिक्षकों ने भी बच्चों को मिलने वाले इस सहयोग को सराहनीय बताते हुए कहा कि इससे शिक्षा के प्रति जागरूकता और सहभागिता बढ़ेगी।

विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने बच्चों में एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया। अभिभावकों ने भी इस पहल की प्रशंसा की और कहा कि ऐसे प्रयास बच्चों की शैक्षणिक यात्रा को सरल और प्रेरणादायी बनाते हैं।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले